Friday, December 21, 2012

ayurvedic solutions: ayurvedic solutions: 1980 - 90 के दशक मे पंजाब ने ...

ayurvedic solutions: ayurvedic solutions: 1980 - 90 के दशक मे पंजाब ने ...: ayurvedic solutions: 1980 - 90 के दशक मे पंजाब ने उग्रवाद केरूप मे भीष... : 1980 - 90 के दशक मे पंजाब ने उग्रवाद के रूप मे भीषण त्रासदी को ...

ayurvedic solutions:  जल ही जीवन हैभारतीय दर्शन , विज्ञान , साहित्य ,...

ayurvedic solutions:

 जल ही जीवन हैभारतीय दर्शन , विज्ञान , साहित्य ,...
:   जल ही जीवन है भारतीय दर्शन , विज्ञान , साहित्य , व धर्म मे किसी विषय संदर्भ या शब्द को समझाने के लिए किसी उपमा के साथ जोड़ कर उ...

ayurvedic solutions: 1980 - 90 के दशक मे पंजाब ने उग्रवाद केरूप मे भीष...

ayurvedic solutions:
1980 - 90 के दशक मे पंजाब ने उग्रवाद केरूप मे भीष...
: 1980 - 90 के दशक मे पंजाब ने उग्रवाद के रूप मे भीषण त्रासदी को झेला है | राष्ट्रवाद के इस संघर्ष मे संघ के बहुत से कार्यकर्ताओं ने ...

1980 - 90 के दशक मे पंजाब ने उग्रवाद के रूप मे भीषण त्रासदी को झेला है |
राष्ट्रवाद के इस संघर्ष मे संघ के बहुत से कार्यकर्ताओं ने अपना बलिदान दिया |
समाज एवं कार्यकर्ताओं का मनोबल बना रहे इसके लिए संघ के अधिकारी व भाजपा नेता अपनी जान की परवाह  ना करते हुए सतत प्रयास रत रहे |
जैतो से संघ के वरिष्ठ व समर्पित स्वयंसेवक व भाजपा के प्रान्त सचिव डा. धर्मवीर सिंह भाटिया भी 23 दिसम्बर 1990  को उग्रवाद के साथ संघर्ष करते हुए आतंकवादियों की गोली का शिकार हुए थे |
जैतो मे डा. भाटिया के बलिदान दिवस पर  हर वर्ष श्रद्धांजली के रूप मे आयुर्वेद एवं समसामयिक विषय पर कार्यक्रम आयोजित किया जाता है | आयुर्वेद से संबंधित इस से पूर्व राष्ट्रीय आयुर्वेद छात्र निबन्ध लेखन प्रतियोगिता का आयोजन लगातार तीन वर्ष किया था जिसमे देश भर के कई राज्यों यथा महाराष्ट्र गुजरात बिहार उत्तरप्रदेश राजस्थान हरियाणा पंजाब आदि से प्रविष्टियाँ प्राप्त हुई व जैतो मे पुरस्कार वितरण समारोह हुए | इस वर्ष समसामयिक विषयों पर एक व्याख्यान माला शुरू की जा रही है जिसमे प्रथम माला के मुख्यवक्ता के  रूप मे
श्री ओमप्रकाश उपाध्याय जी ,
उपकुलपति,  गुरु रविदास आयुर्वेद विश्वविद्यालय ,होशियारपुर
आने वाले हैं |  इस बार का विषय है ____
आधुनिक जीवनशैली एवं पर्यावरण संकट मे आयुर्वेद एक आशा की किरण 
कार्यक्रम की अध्यक्षता
श्री कमल शर्मा , राजनीतिक सलाहकार मुख्यमंत्री पंजाब करेंगे
नित्य नवीन वैज्ञानिक अनुसंधानों के द्वारा व्यक्ति का जीवन सरल सुगम व आरामदायक होता जा रहा है |इसके अनेकोनेक फायदे तो हैं ही परन्तु कुछ नए प्रकार के खतरे व नुकसान भी हैं
अल्पश्रम , सुविधाजनक आवागमन , रहनसहन , बिना प्रयास किये सर्वसुलभ फास्ट फ़ूड व प्रोसेस्ड फ़ूड के अतिरिक्त संचार माध्यम , टीवी मोबाइल इंटरनेट आदि ने मानव जीवन को सुखद तो बनाया ही है परन्तु इससे मानव जीवन पर विपरीत परिणाम भी हो रहे हैं | पर्यावरण भी प्रदूषित हो रहा है एवं दूषित पर्यावरण के कारण फिर मानव जीवन एवं अन्य प्राणियों पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं | कई जीव तो विलुप्त होने के कागार पर हैं |
खेती मे  रासायनिक खादों व कीटनाशकों के अत्यधिक प्रयोग से भयावह परिणाम सामने आ रहे हैं | समूचा पंजाब कैंसर ग्रस्त है | भूमिगत पानी तक विषाक्त हो चुका है |खेतों मे रसायनों कीटनाशकों व खरपतवार नाशकों के प्रयोग से आयुर्वेदिक वनौषधियाँ भी दूषित हो चुकी हैं व कई वनौषधियां तो विलुप्त हो रही हैं |
अभी हाल ही मे मल्टीनेशनल कम्पनियों द्वारा GM Food ( जेनिटिकली मोडिफाइड फ़ूड ) के नाम से एक नई समस्या दस्तक दे रही है | जी एम् टेक्नोलोजी के कारण समूचे पेड़ पौधे व जीव जंतुओं पर तो व्यापक प्रभाव पडेगा ही अपितु आयुर्वेदिक वनौषधियों पर भी संकट आने वाला है | इससे वनौषधियों के गुण धर्म बदल जायेंगे |
आज भी वनौषधियों के रस गुण वीर्य विपाक प्रभाव को जानने के लिए हमे प्राचीन आयुर्वेद ग्रंथों का ही सहारा लेना पड़ता है | भारत से बाहर की वनौषधियां जो पूर्व मे यहाँ प्रचलन मे नहीं थी उनके रस गुण वीर्य विपाक प्रभाव को जानने की कोई वैज्ञानिक विधि हमने विकसित नहीं की जिस कारण संपूर्ण आयुर्वेद जगत उनके गुण धर्म के विषय मे एक मत नहीं हो पाता तो जी एम् के कारण पहले से ज्ञात औषधियों के परिवर्तित गुण धर्म कैसे जान पाएंगे ? और बिना जाने प्रयोग करेंगे तो लाभ की जगह हानि भी हो सकती है | B T Cotton   का उदाहरण सामने है ) 
इस संबंध मे आयुर्वेद जगत की चुप्पी न केवल हैरानी जनक  है अपितु पीड़ादायक भी है |
आयुर्वेद का मूर्धन्य विद्वान होने के नाते इन समस्याओं पर ओमप्रकाश उपाध्याय जी का  उचित मार्ग दर्शन अपेक्षित है |


.